About last evening

बेवजह तुमसे मिलने के बहाने बनाता हूँ,
इक गुफ्तगू को खाली शाम तलाशता हूँ,
पता है कि तुम मना कर दोगी,
बस उम्मीदों के सहारे दिल को ढाढस बंधाता हूँ।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

कुछ अलग ही कशिश थी उस शाम की हवाओं में,
ना चाहते हुए भी दिल बन्ध सा गया था,
निगाहें थम गई थी,
उसके चेहरे पर जम सी गई थी,
शायद हमारी बातों में ही कोई कमी रह गई होगी,
वरना एक और मुलाक़ात का हफ़्तों इंतजार ना करना पड़ता।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

हमारी कहानी उसी दिन ख़त्म हो गई,
जिस वक़्त हमारी नज़रें तुमसे मिली,
शायद इश्क़ हो गया है तुमसे,
वरना हर मुस्कराहट की वजह तुम ना होती।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

तुम्हे सोचते सोचते रात यूँ ही निकल जाएगी,
इक तूफ़ान सा है दिल में, नींद कहाँ आएगी,
कल कि मुलाक़ात ना जाने क्या अंजाम लाएगी,
तेरे चेहरे पर मुस्कान आएगी या ख्वाइश अधूरी रह जाएगी।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

कुछ बातें बिन कहे ब्यान हो जाती हैं,
कुछ इशारे, आँखें सब कह जाती हैं,
इक शाम यूँ ही मोहब्बत हो जाती है,
और किसी शायर को उसकी शायरी मिल जाती है।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

आपकी आँखों के पन्नो में,
इतने गहरे राज़ हैं,
लाखों हमने पढ़ लिए,
फिर भी बेशुमार हैं,
उन समुन्दर सी आँखों ने,
हमे यूँ ब्यान करना सिखा दिया,
हमे तो दो लफ़्ज़ों का सलीका ना था,
और आपके इश्क़ ने हमे शायर बना दिया।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

वाक़िफ़ हम भी ना थे उनसे,
फिर भी हमने हाँ कह दिया,
उनकी अदा हि कुछ ऐसी थी,
ना चाहते हुए भी दिल फिसल गया।

Waqif hum bhi na the unse,
Phir bhi humne haan keh diya,
Unki ada hi kuch aisi thi,
Na chahte hue bhi dil fisal gaya.

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more

ये सूरज कि किरणें तेरी रेशमी ज़ुल्फ़ों को चूमते हुए,
ये बर्फीली वादियों कि सफेदी तेरी नूरानी अँखियाँ को चमकाते हुए,
ये हवा कि ख़ामोशी के बीच तेरे हंसने कि आवाज़,
कैसे भुलूंगा मैं,

ये तेरे यौवन कि खुशबू चांदनी को पिघलाती हुई,
ये तेरे चेहरे कि रौशनी तारों को शर्माती हुई,
ये रात कि ख़ामोशी में तेरे गाने कि आवाज़,
कैसे भुलूंगा मैं,

ये तेरे आँखों कि नटखटी मस्तियाँ,
ये तेरे गुलाबी होठों कि मुस्कुराहटें,
ये लोगों के कदमो तले तेरी आहट का एहसास,
कैसे भुलूंगा मैं,
कैसे भुलूंगा मैं।

Yeh suraj ki kiranein teri reshmi zulfon ko chumte huye,
Yeh barfili wadiyaon ki safedi teri nurani ankhiyan ko chamkate huye,
Yeh hawa ki khamoshi ke bich tere hansne ki aawaz,
Kaise bhulunga main,

Yeh tere yauvan ki khushboo chandni ko pighlati hui,
Yeh tere chehre ki roshni taaron ko sharmati hui,
Yeh raat ki khamoshi mein tere gaane ki aawaz,
Kaise bhulunga main,

Yeh tere aankhon ki natkhati mastiyan,
Yeh tere gulabi hothon ki muskuratein,
Yeh logon ke kadmo tale teri aahat ka ehsas,
Kaise bhulunga main,
Kaise bhulunga main.

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.
Read more
Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Facebook
LinkedIn
SOCIALICON
Instagram
YouTube