About last evening – November 18, 2017

कुछ अलग ही कशिश थी उस शाम की हवाओं में,
ना चाहते हुए भी दिल बन्ध सा गया था,
निगाहें थम गई थी,
उसके चेहरे पर जम सी गई थी,
शायद हमारी बातों में ही कोई कमी रह गई होगी,
वरना एक और मुलाक़ात का हफ़्तों इंतजार ना करना पड़ता।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal,  All rights reserved.

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